Sanjay's demise: प्रीमियर के समय गर्भ में, मनहर-पंकज ने सुनाई थीं लोरियां

Nov 20, 2023 - 12:33
Nov 20, 2023 - 12:42
Sanjay's demise: प्रीमियर के समय गर्भ में, मनहर-पंकज ने सुनाई थीं लोरियां
Sanjay's demise: प्रीमियर के समय गर्भ में, मनहर-पंकज ने सुनाई थीं लोरियां

मुंबई. युवा पीढ़ी में अपनी फिल्मों ‘धूम’ और ‘धूम 2’ से धूम मचाने वाले निर्देशक संजय गढ़वी (57) की सांसों का सफर रविवार सुबह थम गया। वह लोखंडवाला बैकरोड में मॉर्निंग वॉक के लिए जा रहे थे, तभी दिल का दौरा पड़ा। उन्हें कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। संजय के निधन से बॉलीवुड सदमे में है।

गुजराती साहित्यकार व निर्माता-निर्देशक मनुभाई गढ़वी के बेटे संजय अंधेरी वेस्ट की ग्रीन एकड़ सोसाइटी में रहते थे। वह कहते थे कि फिल्म कला उनके डीएनए में है। उनके पिता ने 1966 में ‘कसुम बिनो रंग’ नाम की फिल्म बनाई थी। इसके प्रीमियर के समय संजय मां के गर्भ में थे। फिल्मों की दीवानगी उन्हें मां से विरासत में मिली, जो ज्यादातर फिल्मों का पहला दिन पहला शो देखती थीं। संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी उनके पिता के दोस्त थे, पंकज उधास व मनहर उधास मां के चचेरे भाई थे। दोनों गायक मामा उन्हें लोरियां सुनाया करते थे। ऐसे में संजय का बचपन फिल्मी परिवेश में बीता। जब कॅरियर चुनने की बात आई तो फिल्में ही उनका एकमात्र विकल्प थीं।

फिल्मों में खेली 22 साल लंबी पारी

सहायक निर्देशक के तौर पर कॅरियर की शुरुआत के बाद संजय ने 2001 में बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘तेरे लिए’ बनाई। इसमें किशोर बच्चों की कहानी थी, जो म्यूजिक बैंड बनाकर पहचान के लिए संघर्ष करते हैं। इसके बाद हॉलीवुड की ‘माय बेस्ट फ्रेंड्स वैडिंग’ से प्रेरित ‘मेरे यार की शादी है’ बनाई, लेकिन पहचान मिली ‘धूम’ से। इसकी कामयाबी के दो साल बाद उन्होंने इसका दूसरा भाग ‘धूम 2’ बनाया।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर फिल्म की तैयारी थी

युवाओं की पसंद का ध्यान रखने वाले संजय की दूसरी फिल्मों में ‘किडनैप’, ‘अजब गजब लव’ और ‘ऑपरेशन परिंदे’ शामिल हैं। उन्होंने हाल ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर फिल्म बनाने की घोषणा की थी। यह फिल्म ओटीटी के लिए बनाई जाने वाली थी। गढ़वी इसके लिए कलाकार व शूटिंग लोकेशन की खोज में जुटे थे।